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शनिवार, 6 अक्टूबर 2018

बनाओ पहचान (कविता)

बुरा न देखो
बुरा न सुनो
बुरा न  बोलो
बुरा न सोचो
सत्य को खोजो।
         कुछ ऐसा करो
          कि जब हो अंत
          तो दुनिया रखे याद
          कहलाओ महान संत।
अहिंसा का मार्ग चुनो
कर्मठता को अपनाओ
सादा जीवन, उच्च विचार
जीवन का आधार बनाओ।
           देश के लिए करो
           न्योछावर अपना सर्वस्व
           कृत्य हो ऐसा कि जग में
            हो तुम्हारा वर्चस्व।
स्वार्थ को छोड़ो
जन-जन को जोड़ो
रूढ़ियों को तोड़ो
जीवन को सद्मार्ग पर मोड़ो।
            बनो महान
            हरो अज्ञान
            बनाओ पहचान
            बिखराओ मुस्कान
            और पाओ सम्मान।
         
           

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