हमारा जीवन
हमारे संस्कार
हमारे पूर्वज ही
हैं इनका आधार।
पितृ पक्ष में
पितरों का श्राद्ध
करना है आवश्यक
क्योंकि वे हैं हमारे आराध्य।
पितरों की आशा
उनकी आत्मा की शांति
होती है सहायक लाने में
अपनों के जीवन में कांति।
विधि- विधान से
करके श्राद्ध और तर्पण
पाएँ सब जन सुख
करके उन्हें भावांजलि अर्पण।
कोई भी आत्मा
कभी भटके नहीं
कर्म क्षेत्र है ये जग
मिले मोक्ष हों सब तृप्त यहीं।
हमारे संस्कार
हमारे पूर्वज ही
हैं इनका आधार।
पितृ पक्ष में
पितरों का श्राद्ध
करना है आवश्यक
क्योंकि वे हैं हमारे आराध्य।
पितरों की आशा
उनकी आत्मा की शांति
होती है सहायक लाने में
अपनों के जीवन में कांति।
विधि- विधान से
करके श्राद्ध और तर्पण
पाएँ सब जन सुख
करके उन्हें भावांजलि अर्पण।
कोई भी आत्मा
कभी भटके नहीं
कर्म क्षेत्र है ये जग
मिले मोक्ष हों सब तृप्त यहीं।
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