समय-समय की बात है, ऐसा कहते अक्सर हम किसी न किसी को सुनते ही हैं। वास्तव में एक वो समय था जब अपनों तक संदेश पहुँचाना आसान काम नहीं था। इस काम को करने में बहुत समय लगता था और ये भी निश्चित नहीं होता था कि जिसे संदेश भेजना है उसे मिल ही जाएगा। प्रतीक्षा और चिंता में लोग एक -एक दिन बिताते थे। उस समय संदेश कबूतरों द्वारा, घुड़सवार संदेशवाहकों द्वारा, मुनादी करवाकर या फिर हरकारों द्वारा भेजे जाते थे।
फिर समय आया डाकिए का, जो डाक विभाग का एक ऐसा कर्मचारी या कार्यकर्ता है जो हमारे अपनों द्वारा पत्र के माध्यम से भेजे गए संदेशों को घर-घर जाकर बाँटता है। डाक विभाग मानव सभ्यता की एक ऐसी कार्य-प्रणाली है जिसके अंतर्गत डाक, मनीऑर्डर, टेलीग्राम, पार्सल और कई बचत योजनाओं की सुविधा हमें मिलती है। बड़ी ही सहजता से इन सभी सुविधाओं का लाभ हमें डाकघरों द्वारा मिलता है। आज के इस अत्याधुनिक युग में यूँ तो अब पत्रों का चलन बहुत कम हो चला है। मोबाइल, फोन और इंटरनेट की सुविधा से अब अपने अपनों का हाल जानना बहुत ही आसान हो गया है। किंतु डाक विभाग के महत्त्व को आज भी नकारा नहीं जा सकता है। और डाक विभाग की उपयोगिता
और इसकी संभावनाओं को देखते हुए और डाक विभाग की सेवाओं, सुविधाओं और योजनाओं के प्रति आम जन को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष 09 अक्टूबर यानी आज ही के दिन विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। साथ ही हमारे देश भारत में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक दिवस मनाया जाता है।
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग की सेवाएँ आज भी बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। और हमारा देश भारत है भी गाँवों का देश, तो डाक विभाग की सुविधाएँ गाँवों में बसने वाले आम जनों के जीवन को सुखद और सुगम बनाती है। इस बात के लिए हम सभी भारतवासी डाक विभाग के आभारी हैं और भविष्य में और नई योजनाओं और सुविधाओं की उम्मीद के साथ डाक विभाग के सहयोग के आकांक्षी रहेंगे।
डाक विभाग की सुविधाओं का,
जन-जन को लाभ मिलता रहे।
डाक विभाग है जन हितकारी,
हर देश का हर जन यही कहे।
फिर समय आया डाकिए का, जो डाक विभाग का एक ऐसा कर्मचारी या कार्यकर्ता है जो हमारे अपनों द्वारा पत्र के माध्यम से भेजे गए संदेशों को घर-घर जाकर बाँटता है। डाक विभाग मानव सभ्यता की एक ऐसी कार्य-प्रणाली है जिसके अंतर्गत डाक, मनीऑर्डर, टेलीग्राम, पार्सल और कई बचत योजनाओं की सुविधा हमें मिलती है। बड़ी ही सहजता से इन सभी सुविधाओं का लाभ हमें डाकघरों द्वारा मिलता है। आज के इस अत्याधुनिक युग में यूँ तो अब पत्रों का चलन बहुत कम हो चला है। मोबाइल, फोन और इंटरनेट की सुविधा से अब अपने अपनों का हाल जानना बहुत ही आसान हो गया है। किंतु डाक विभाग के महत्त्व को आज भी नकारा नहीं जा सकता है। और डाक विभाग की उपयोगिता
और इसकी संभावनाओं को देखते हुए और डाक विभाग की सेवाओं, सुविधाओं और योजनाओं के प्रति आम जन को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष 09 अक्टूबर यानी आज ही के दिन विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। साथ ही हमारे देश भारत में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक दिवस मनाया जाता है।
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग की सेवाएँ आज भी बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। और हमारा देश भारत है भी गाँवों का देश, तो डाक विभाग की सुविधाएँ गाँवों में बसने वाले आम जनों के जीवन को सुखद और सुगम बनाती है। इस बात के लिए हम सभी भारतवासी डाक विभाग के आभारी हैं और भविष्य में और नई योजनाओं और सुविधाओं की उम्मीद के साथ डाक विभाग के सहयोग के आकांक्षी रहेंगे।
डाक विभाग की सुविधाओं का,
जन-जन को लाभ मिलता रहे।
डाक विभाग है जन हितकारी,
हर देश का हर जन यही कहे।
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